ग्राम कोसमंदा के कश्यप परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के विशेष प्रसंग ‘रुक्मिणी मंगल’ (रुक्मिणी विवाह) में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस जिला सचिव नम्रता नामदेव सम्मिलित हुईं। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा श्रवण किया और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
इस् पुनीत आयोजन पर नम्रता नामदेव ने अपने सारगर्भित उद्बोधन मे कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन को धन्य बनाता है। भगवान कृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाह प्रसंग हमें समर्पण और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने व्यासपीठ पर आसीन प्रखर वक्ता पंडित मोरध्वज वैष्णव जी का श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभीना सम्मान किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने संबोधन के दौरान नम्रता नामदेव ने कोसमंदा ग्राम की निरंतर उन्नति, सुख-समृद्धि और शांति के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी सौहार्द, सकारात्मक ऊर्जा और समरसता का संचार होता है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।
इससे पूर्व, कश्यप परिवार के मुखिया प्रभु कश्यप एवं समस्त परिजनों द्वारा नम्रता नामदेव का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आत्मीय स्वागत किया गया। कश्यप परिवार ने इस गरिमामयी उपस्थिति के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
रुक्मिणी विवाह के इस पावन प्रसंग पर भव्य झांकी सजाई गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगल गीतों और भजनों पर झूमते नजर आए। इस धार्मिक आयोजन में कश्यप परिवार के सदस्यों सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने कथा रसपान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर ग्राम कोसमंदा के पूर्व सरपंच गजाधर कौशिक, समाज सेवी सुरेश यादव, जागेश्वर कौशिक, पुरुषोत्तम कौशिक,शांती लाल बरेठ, सहित बड़ी संख्या मे गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।




