
कोसमन्दा(चाम्पा):-
ग्राम कोसमन्दा में कश्यप परिवार के सानिध्य में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा वाचन के दौरान व्यास पीठ से पंडित श्री गंगादीन तिवारी जी ने अक्रूर प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
उन्होंने बताया कि जब अक्रूर भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी को लेने गोकुल पहुंचे, तब उनका मन अत्यंत व्याकुल और अधीर था। उन्हें यह ज्ञात नहीं था कि जिनको वे लेने आए हैं, वे स्वयं परब्रह्म परमेश्वर के अवतार हैं। इसी चिंता में वे उनकी सुरक्षा के लिए अनेक उपाय सोचते रहते हैं।
कथा में आगे बताया गया कि जब अक्रूर यमुना जी में स्नान के लिए डुबकी लगाते हैं, तब उन्हें जल के भीतर भगवान श्रीकृष्ण चतुर्भुज स्वरूप में दर्शन देते हैं। इस दिव्य दर्शन के बाद अक्रूर की सारी चिंता समाप्त हो जाती है और वे भगवान की महिमा को पहचान लेते हैं।
कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही है। बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।




