जांजगीर-चाम्पा — कोरबा रोड पर संचालित जय माता दी कोल डिपो की अनुमति तत्काल निरस्त की मांग जिला पंचायत के सभापति उमा राजेन्द्र राठौर ने कलेक्टर से किये हैं। सभापति श्री राठौर ने अपने ज्ञापन में बताया कि चाम्पा तहसील के ग्राम सिवनी (च) स्थित कोरबा रोड पर संचालित जय माता दी कोल डिपो द्वारा किए जा रहे जहाँ नियम उल्लंघन एवं पर्यावरण विनाश की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। स्थानीय कृषकों एवं निवासियों द्वारा लिखित शिकायत प्राप्त होने के उपरांत, निम्नलिखित आधारों पर इस डिपो की अनुमति तत्काल निरस्त किया जाये। उन्होंने बताया कि डिपो हाईटेंशन लाइन एवं एनएच कोरबा रोड के निकट स्थित है, जिससे विद्युत दुर्घटना एवं सड़क जाम की आशंका बनी रहती है। कोयले की काली धूल से आसपास की कृषि भूमि बंजर हो रही है तथा फसलों पर हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है। सिचाई नहर एवं निस्तारी तालाब में कोयले की धूल जमा होने से पानी दूषित हो रहा है, जिससे पीने योग्य जल संकट उत्पन्न हो गया है। मजदूरों का पंजीयन/ईएसआईसी न होना तथा सूचना बोर्ड का अभाव श्रम विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है। फ्यूजिटिव डस्ट रोकने हेतु छिड़काव प्रणाली, हार्वेस्टिंग सिस्टम अनुपस्थित होने के कारण वायु प्रदूषण निर्धारित सीमा से अधिक है। श्रीमती उमा राजेन्द्र ने डिपो का तत्काल निरीक्षण कर अनुमति निरस्त की जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वायु, जल की गुणवत्ता जाँच की जाए। श्रम विभाग द्वारा मजदूरों के अधिकारों की जाँचकर कार्यवाही की जाए। प्रभावित कृषकों को मुआवजा एवं स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान की जाएँ। इसी तरह सभापति उमा राजेन्द्र राठौर ने अपने एक और ज्ञापन ने बताया कि मुख्यमंत्री पंचायत सशक्तिकरण योजना अंतर्गत डीपीआरसी में कंप्यूटर ऑपरेटर पदों की नियुक्ति में अनियमितताओं के संबंध में जांच प्रतिवेदन पर उचित कार्यवाही की मांग की हैं। उन्होंने बताया कि 20 मई 2024 को प्रस्तुत पत्र क्रमांक 529 तथा 14 अक्टूबर 2024 को स्मरण पत्र क्रमांक 552 के माध्यम से डीपीआरसी के तहत वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में पंचायत सशक्तिकरण योजना अंतर्गत कंप्यूटर ऑपरेटर पदों पर की गई नियुक्ति में भारी अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। जिसमें निम्न गंभीर त्रुटियाँ/अनियमितताएँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया। विभागीय आदेशानुसार विज्ञापन की प्रक्रिया तथा न्यूनतम योग्यता के मापदंड का उल्लंघन किया गया। प्रक्रिया के अनुसार स्किल टेस्ट का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया, इसका कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। कौशल परीक्षा में निर्धारित 35 प्रतिशत के स्थान पर 100 प्रतिशत वेटेज दे दिया गया। उपयुक्त दस्तावेजों की प्रमाणिकता एवं अभ्यर्थियों की चयन सूची का भी कोई वैध आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है। उक्त चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता व निष्पक्षता का अभाव रहा है, जिससे पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित हो गये। चूकि आज दिनांक तक आपके द्वारा जांच नहीं करवाई गई हैं, जिससे प्रशासन की मिली भगत की आशंका प्रबल⊕ होती जा रही हैं। सभपाति ने बताया कि उक्त अनियमितताओं के परिप्रेक्ष्य में शीघ्र कार्यवाही करते हुए कार्यवाही कर जांच समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे तथा भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दोबारा निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने हेतु निर्देश जारी करें।
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