रायपुर, 5 जुलाई। छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश की लोककला जगत के लिए आज बेहद दुखद दिन है। प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के सुबह लगभग 3:15 बजे रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थीं और उनका उपचार AIIMS रायपुर में चल रहा था।
तीजन बाई ने अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली अभिनय और अनूठी प्रस्तुति शैली से पंडवानी को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को जीवंत अंदाज़ में प्रस्तुत करने की उनकी कला ने उन्हें भारतीय लोक संस्कृति का वैश्विक चेहरा बना दिया।
भारतीय लोककला में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया। उनके निधन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति पहुँची है।
तीजन बाई के निधन की खबर से कला, साहित्य, संस्कृति और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। देशभर से कलाकार, जनप्रतिनिधि और उनके प्रशंसक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।




