उधारी छुपाने के लिए व्यापारी ने रची चोरी की साजिश, अकलतरा पुलिस ने किया खुलासा
अकलतरा, 6 जून 2026। थाना अकलतरा पुलिस ने चोरी की एक कथित घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया है कि किराना व्यापारी द्वारा दर्ज कराई गई चोरी की रिपोर्ट पूरी तरह झूठी निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि व्यापारी ने उधारी और पारिवारिक दबाव के कारण स्वयं ही 3 लाख 15 हजार 746 रुपये अपने पास रख लिए थे और चोरी की मनगढ़ंत कहानी बनाकर रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
पुलिस के अनुसार तरौद निवासी चिराग अग्रवाल ने 4 जून को थाना अकलतरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह धान बिक्री के 3,15,746 रुपये स्कूटी की डिक्की में रखकर घर जा रहा था। रास्ते में दवा लेने और अन्य स्थानों पर रुकने के बाद घर पहुंचने पर उसे डिक्की से रकम गायब मिली।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान संबंधित मार्गों और दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में कहीं भी चोरी की घटना या किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि दिखाई नहीं दी। जिन लोगों का नाम शिकायत में आया था, उनसे पूछताछ करने पर भी चोरी की कहानी की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान में लगातार विरोधाभास मिलने पर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान चिराग अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसकी व्यक्तिगत उधारी हो गई थी और परिवार के लोगों को इसकी जानकारी थी। घरवालों के डर से उसने रकम अपने पास रख ली और चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने शिकायतकर्ता की निशानदेही पर पूरी रकम 3,15,746 रुपये बरामद कर ली है। मामले में झूठी सूचना देने और पुलिस को गुमराह करने के संबंध में पृथक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, उप निरीक्षक बी.एल. कोसरिया तथा साइबर सेल के निरीक्षक सागर पाठक, आरक्षक प्रदीप दुबे और शाहबाज अहमद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को थाना अकलतरा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।




