जांजगीर-चांपा पुलिस की निष्पक्ष जांच में भाजपा नेता अमर सुल्तानिया और उनके गार्डों के खिलाफ दर्ज मारपीट व गाली-गलौज का मामला झूठा पाया गया। पुलिस ने जांच के बाद अपराध खारिज कर दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम मुड़पार में निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट के लिए पंचायत प्रस्ताव और एनओसी के बाद मिट्टी उत्खनन कार्य चल रहा था, जिसका कुछ लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा था।
18 मई की रात कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना के बाद पहले प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। इसके बाद आरोपियों ने अपने बचाव में अमर सुल्तानिया और उनके गार्डों पर काउंटर केस दर्ज कराया।
वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और जांच में मारपीट या गाली-गलौज की पुष्टि नहीं होने पर पुलिस ने मामला खारिज कर दिया।
एसपी विजय कुमार पांडेय (IPS) के निर्देश पर हुई जांच में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों के खिलाफ अब अलग से कड़ी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी है।




