बलौदा | 25 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12 वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्न पत्र लीक होने और पुनः परीक्षा कराने के निर्णय पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
जनपद पंचायत बलौदा की पूर्व शिक्षा स्थायी समिति अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी की सचिव नम्रता नामदेव ने इस मामले पर गहरी चिंता जताते हुए शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष कड़ी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक की घटना ने उनकी मेहनत और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर डाला है। भीषण गर्मी और तनाव के बीच परीक्षा देने के बाद अब दोबारा परीक्षा देना छात्रों के लिए किसी “अग्निपरीक्षा” से कम नहीं है।
नम्रता नामदेव ने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों की क्या गलती है, और क्यों उन्हें व्यवस्था की विफलता का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार पेपर लीक होना मंडल की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों को दर्शाता है।
📌 मुख्य मांगें और सुझाव
◆ दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए ।
◆ लापरवाह अधिकारियों और परीक्षा केंद्रों की पहचान कर सख्त दंड दिया जाए।
◆ प्रश्न पत्र वितरण के लिए सुरक्षित एन्क्रिप्टेड डिजिटल सिस्टम लागू किया जाए ।
◆ छात्रों के लिए मानसिक परामर्श (काउंसलिंग) की व्यवस्था की जाए ।
◆ संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और उड़न दस्तों की सक्रियता बढ़ाई जाए ।
अंत में उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंडल अपनी सुरक्षा नीतियों की तत्काल समीक्षा करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।




