जांजगीर–चांपा-धान उपार्जन सीज़न के बीच किसानों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। जिले के कई केंद्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नए बारदाने में 40 किलो धान पूरा नहीं समा रहा, जिससे तौल, उठाव और परिवहन में दिक्कतें आ रही हैं। किसानों की इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सभापति उमा राजेंद्र राठौर ने गुरुवार को पेण्ड्री उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने सभापति को बताया कि
नए बारदाने का साइज छोटा है,
धान भरने पर मुंह ठीक से नहीं बंध रहा,
इससे बारदाने फटने और वजन कम दिखने की समस्या आ रही है।
सभापति उमा राजेंद्र राठौर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से बारदाने का परीक्षण कराया और तुरंत विपणन अधिकारी से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की परेशानी को नज़रअंदाज़ न किया जाए और वास्तविक समस्या की जांच कर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
विपणन अधिकारी ने सभापति को आश्वासन दिया कि वे स्वयं केंद्र में पहुंचकर बारदाने की गुणवत्ता व माप का परीक्षण करेंगे और आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजेंगे।
सभापति राठौर ने स्पष्ट कहा कि—
“धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसान परेशान होंगे तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।”
किसानों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही बारदाने की समस्या का हल निकलने से खरीदी कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सकेगा।




