जांजगीर-चांपा जिले में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डायल-112 के कर्मचारियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा श्री विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में डायल-112 के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप ने पुलिस कार्यालय जांजगीर में बैठक लेकर रिस्पांस टाइम सुधारने पर जोर दिया।
बैठक में ERV स्टाफ, जीवीके ड्राइवर, हाईवे पेट्रोलिंग टीम, DCC प्रभारी एवं जीवीके मैनेजर उपस्थित रहे। ASP कश्यप ने निर्देश दिया कि किसी भी इवेंट के निपटारे और ASR भरने के तुरंत बाद ERV को अपने निर्धारित फिक्स प्वाइंट पर लौटना होगा, ताकि अगली आपातकालीन सूचना पर तत्काल रवाना हुआ जा सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि डायल-112 की पहचान त्वरित प्रतिक्रिया से है और किसी भी घटना में अनावश्यक समय व्यतीत करना स्वीकार्य नहीं होगा। रिस्पांस में देरी होने पर उसका कारण रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा। साथ ही बिना अनुमति स्वयं से इवेंट तैयार करने पर भी रोक लगाई गई है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि डायल-112 वाहनों को बिना किसी वैध कारण के थानों में खड़ा न रखा जाए। यह सेवा पूरी तरह आपातकालीन परिस्थितियों के लिए है और तीनों शिफ्ट में पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
हाईवे पेट्रोलिंग स्टाफ को MDT, डेस्क कैमरा और मोबाइल डिवाइस के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही हाईवे पर यातायात बाधित करने वाले वाहनों को तत्काल हटाने और प्रत्येक इवेंट का निर्धारित समय में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
ASP कश्यप ने कहा कि सभी कर्मचारियों को साप्ताहिक कार्य रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करनी होगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र के लिए अनुशंसित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस नई कार्ययोजना से चोरी, सड़क दुर्घटना, मारपीट और अन्य आपातकालीन घटनाओं में डायल-112 की टीम पहले से अधिक तेजी और दक्षता के साथ लोगों तक पहुंच सकेगी।




