Explore

Search

July 6, 2026 1:49 am

7k network
लेटेस्ट न्यूज़

जांजगीर-चांपा, 5 जुलाई। जांजगीर-चांपा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना चांपा क्षेत्र से करीब 21.1 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 10 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने गांजा बिक्री में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में थाना चांपा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि हनुमान चौक, देवांगन पारा में एक युवक गांजा बेच रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और वीरेन्द्र देवांगन (28 वर्ष) निवासी हनुमान चौक, देवांगन पारा, चांपा को हिरासत में लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली, जहां से चार पैकेट और दो प्लास्टिक बोरियों में रखा 21.1 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही गांजा बिक्री से प्राप्त 10,450 रुपये नकद भी जब्त किए गए। थाना चांपा में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 357/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव के नेतृत्व में उप निरीक्षक सत्यम चौहान, प्रशिक्षु उप निरीक्षक गोपी सिंह, रूकसाना बानो, निकिता साहू, सहायक उप निरीक्षक भुवनेश्वर राठौर तथा थाना चांपा के अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वोटिंग पोल
0
Default choosing

Did you like our plugin?

जिला पंचायत सदस्य उमा राजेंद्र राठौर की शिकायत पर बड़ा असर: RDSS योजना में गड़बड़ी को लेकर CSEB प्रोजेक्ट के कार्यपालन अभियंता निलंबित।

जांजगीर चाम्पा–Reforms-Based and Results-Linked, Distribution Sector Scheme (RDSS) के अंतर्गत जांजगीर-चांपा जिले में चल रहे कार्यों में गड़बड़ियों और पारदर्शिता के अभाव को लेकर उठे सवाल अब गंभीर मोड़ ले चुके हैं। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उमा राजेंद्र राठौर (क्षेत्र क्रमांक 14) की लिखित शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSEB) के RDSS प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यपालन अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।

 

अपूर्ण और भ्रामक जानकारी से उठा शक

 

श्रीमती राठौर ने RDSS योजना के तहत जिले में स्वीकृत कार्य योजना, ठेकेदारों की नियुक्ति, खर्च की स्थिति एवं कार्य प्रगति से संबंधित जानकारी मांगी थी, किन्तु विभाग द्वारा जो विवरण प्रस्तुत किया गया वह न केवल अपूर्ण और भ्रामक था, बल्कि उससे विभागीय कार्यप्रणाली पर संदेह की स्थिति उत्पन्न हो गई।

सूचना का जो प्रारूप मुझे प्राप्त हुआ, वह पारदर्शिता से कोसों दूर है। इससे यह आभास होता है कि योजनाओं में गंभीर गड़बड़ी छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि समय रहते वास्तविकता सामने नहीं लाई गई तो यह एक बड़ा जनविरोधी भ्रष्टाचार सिद्ध हो सकता है,” — श्रीमती उमा राजेन्द्र राठौर, सदस्य, जिला पंचायत।

कार्रवाई का असर: प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारी

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने RDSS प्रोजेक्ट के प्रभारी कार्यपालन अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि शिकायत में दम था और अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में है।

हालांकि योजना के अंतर्गत कार्य अभी जारी हैं, परंतु अब उनकी निगरानी एवं मूल्यांकन प्रशासनिक स्तर पर और अधिक गंभीरता से किया जाएगा।

विभागीय चुप्पी और जनता की चिंता

इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक विभाग की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं आमजन और सामाजिक कार्यकर्ता यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि कोई गड़बड़ी नहीं थी तो प्रोजेक्ट प्रभारी को निलंबित क्यों किया गया? यह स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है!

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जल्द ही योजना के तहत किए गए कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी और वित्तीय जांच कराए जाने की संभावना है। यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो कई और अधिकारी भी निलंबन या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।

उमा राठौर की शिकायत के बाद CSEB RDSS प्रोजेक्ट के कार्यपालन अभियंता निलंबित

अपूर्ण और भ्रमपूर्ण जानकारी से उत्पन्न हुआ भ्रष्टाचार का संदेह

जांच और ऑडिट की संभावना प्रबल

Hasdev Express
Author: Hasdev Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Chief Editor

SURESH KUMAR YADAV 7879701705,9977909862

लाइव टीवी
विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर
पंचांग
Infoverse Academy