श्रद्धा, संस्कृति और परंपरा का संगम है महारस लीला।
कोसमन्दा (चाम्पा)।
बाल समाज रास लीला मण्डली, कोसमन्दा के तत्वावधान में ग्राम पंचायत कोसमन्दा में 12 जनवरी से 21 जनवरी तक 10 दिवसीय महारास लीला का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के अंतर्गत 21 जनवरी को भव्य मड़ई मेले का आयोजन भी समिति द्वारा किया जाएगा।
महारास लीला के दौरान भगवान बाँके बिहारी के जन्म से लेकर कंस वध एवं उग्रसेन के राजतिलक तक की लीला को सचित्र झांकी एवं मंचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिखाया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत करता है।
समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह महारास लीला तीन से चार पीढ़ियों से निरंतर चली आ रही परंपरा है और वर्षों के आंकड़ों को देखें तो लगभग 100 वर्षों से यह लीला खेली जा रही है, जो कोसमन्दा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से सहपरिवार पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।




