प्रकाश इंडस्ट्रीज को राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से आया फर्जी ई-मेल, बैंक खाता बदलकर की गई ठगी; साइबर टीम ने 23 लाख रुपये होल्ड कराए
जांजगीर-चांपा। साइबर ठगों ने ई-मेल आईडी में महज एक शब्द बदलकर प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चांपा से 28 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया। मामले में जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक डिटेल के आधार पर एक आरोपी को भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक ग्राम परिगामा, जिला सीतामढ़ी, बिहार से गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान पंकज मुखिया पिता जहरा मुखिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम परिगमा, थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध से जुड़े साक्ष्य, मोबाइल फोन और आधार कार्ड जब्त किया है।
ई-मेल में एक शब्द बदलकर किया खेल
प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, कोटाडबरी चांपा के पर्चेस विभाग में कार्यरत प्रार्थी ने साइबर थाना जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी को राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें बैंक खाता बदलने की जानकारी दी गई थी।
ई-मेल आईडी में मूल आईडी से मिलता-जुलता नाम रखते हुए सिर्फ एक शब्द में बदलाव किया गया था। कंपनी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और बताए गए बैंक खाते में 28 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
बाद में राउरकेला इस्पात संयंत्र से भुगतान प्राप्त होने की जानकारी लेने पर उन्होंने रकम प्राप्त नहीं होने की बात बताई। इसके बाद कंपनी को फर्जी ई-मेल के जरिए ठगी का पता चला।
मामले में साइबर थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 03/2026, धारा 318(4) BNS एवं 66 C/D IT Act के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
बैंक डिटेल और साइबर तकनीक से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए SP श्री विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की।
जांच के दौरान ठगी की रकम जिस बैंक खाते में पहुंची, वह पंकज मुखिया के नाम पर पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने आधार कार्ड में पहले दिल्ली का पता दर्ज कराया था, जिसे बाद में बदलकर बिहार का पता अपडेट किया गया।
पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, CDR एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी के बिहार में होने का पता चला।
इसके बाद साइबर पुलिस टीम थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी, बिहार पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी पंकज मुखिया को गिरफ्तार कर लिया।
ठगी की रकम खाते में मंगवाकर आपस में बांटते थे
पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाने तथा साइबर ठगी की रकम उक्त खाते में मंगवाकर आपस में बांटने की बात स्वीकार की है।
आरोपी ने अपने हिस्से में मिली रकम को खर्च करने की बात पुलिस को बताई। मामले में अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है।
आरोपी को बिहार के सक्षम न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी को जांजगीर-चांपा लेकर पहुंची और न्यायालय जांजगीर में पेश करने के बाद उसे जेल दाखिल किया गया।
28 लाख में से 23 लाख रुपये होल्ड
साइबर ठगी की जानकारी मिलते ही साइबर क्राइम पोर्टल/ 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी की कुल 28 लाख रुपये की रकम में से 23 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार उक्त राशि को वापस कराने की प्रक्रिया जारी है।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर बिल्कुल देरी न करें। तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल, हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, ठगी की रकम को होल्ड कराकर वापस प्राप्त करने की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी।
साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक शिवानंद सिंह, साइबर टीम प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, आरक्षक शहबाज खान एवं गिरीश कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





