ग्राम पंचायत कोसमन्दा सरपंच संजय रत्नाकर ने रेलवे महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर, फाटक पर लंबा इंतजार और दुर्घटना के खतरे से अवगत कराया।


कोसमन्दा (चाम्पा)। ग्राम पंचायत कोसमन्दा ने गांव में स्थित दोनों रेलवे फाटकों की गंभीर समस्या को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एवं संबंधित रेलवे मंडल को ज्ञापन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।सरपंच ने पत्र में कहा है कि रेलवे विभाग द्वारा दोनों स्थानों पर अंडरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, लेकिन निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों को रोजाना परेशानी और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत सरपंच संजय रत्नाकर द्वारा ज्ञापन पत्र में बताया गया है–
कि कोसमन्दा के दोनों रेलवे फाटकों पर अक्सर मालगाड़ी एवं अन्य ट्रेनें बीचों-बीच खड़ी हो जाती हैं। ट्रेन खड़ी होने के कारण रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहता है और लोगों को आवागमन के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
स्कूली बच्चों और मरीजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी
पंचायत के अनुसार, रेलवे फाटक बंद होने से स्कूली बच्चों, मरीजों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा आवश्यक कार्य से आने-जाने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। विशेष रूप से छोटे बच्चों को फाटक खुलने का घंटों इंतजार करना पड़ता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बार गंभीर परिस्थितियों में लोग ट्रेन के नीचे से निकलकर दूसरी ओर जाने का प्रयास करते हैं, जो बेहद जोखिमपूर्ण है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
सरपंच ने बताया—समस्या करीब दो वर्षों से जारी
लगातार बनी हुई है। इसके कारण आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी होने का उल्लेख किया गया है। पत्र में दुर्भाग्यवश लगभग चार लोगों की जान जाने की बात भी कही गई है, जिनकी उम्र करीब 20 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है।
पहले भी की जा चुकी है शिकायत, नहीं हुआ स्थायी समाधान
पंचायत के मुताबिक, इस संबंध में ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों द्वारा पूर्व में कलेक्टर तथा संबंधित रेलवे अधिकारियों को कई बार आवेदन एवं शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
अंडरब्रिज पूरा होने तक पंचायत ने रखीं ये मांगें
ग्राम पंचायत ने दोनों निर्माणाधीन अंडरब्रिज का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने के साथ-साथ तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। पंचायत की प्रमुख मांगें हैं—
1-रेलवे फाटक के बीचों-बीच ट्रेनों को खड़ा नहीं किया जाए।
2-पूर्व में जिस प्रकार ट्रेनों को सिग्नल के पीछे निर्धारित स्थान पर खड़ा किया जाता था, उसी व्यवस्था को तत्काल लागू किया जाए।
3-आपातकाल में एम्बुलेंस, मरीजों, स्कूली बच्चों एवं आम नागरिकों के आवागमन को बाधित न होने दिया जाए।
4-दोनों निर्माणाधीन अंडरब्रिज का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए।
5-रेलवे अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थायी एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
6-भविष्य में रेलवे फाटक पर लंबे समय तक ट्रेन खड़ी रहने की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
“यह सिर्फ आवागमन नहीं, लोगों की सुरक्षा का मामला है”
ग्राम पंचायत ने रेलवे अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। पंचायत का कहना है कि यह केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
अबदेखनाहोगाकि रेलवे विभाग निर्माणाधीन अंडरब्रिज को पूरा करने और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाता है।




