जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 31 शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई; बाकी मामलों में भी राशि वापसी की प्रक्रिया जारी
जांजगीर-चांपा। साइबर ठगी के मामलों में जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 पीड़ितों को उनकी ठगी गई रकम वापस दिलाई है। साइबर ठगी के शिकार इन आवेदकों के बैंक खातों में कुल ₹54,568 की राशि वापस कराई गई है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) के माध्यम से साइबर थाना जांजगीर-चांपा को कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए थे। शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस ने संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया और पोर्टल के माध्यम से राशि को होल्ड कराकर वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की।
10 पीड़ितों को वापस मिली ₹54,568 की रकम
पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के बाद अब तक 10 आवेदकों के खातों में कुल ₹54,568 की ठगी गई रकम वापस आ चुकी है। वहीं, शेष लंबित मामलों में भी संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारियों से लगातार संपर्क कर राशि वापसी की कार्रवाई जारी है।
होल्ड रकम वापस कराने पर पुलिस का फोकस
साइबर पुलिस द्वारा शेष पीड़ितों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। ठगी के बाद जिन खातों में रकम होल्ड हुई है, उसे संबंधित प्रक्रिया और पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों को वापस दिलाने के लिए आवश्यक आवेदन भी कराया जा रहा है।
GRM पोर्टल पर 6 शिकायतें भी मिलीं
जिले में GRM पोर्टल के माध्यम से खाते और रकम को अनहोल्ड कराने से संबंधित कुल 6 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों की संबंधित थानों से जांच कराई गई।
पुलिस के अनुसार, इनमें से 4 शिकायतें मल्टीपल शिकायत दर्ज होने के कारण निरस्त की गईं। वहीं, 1 शिकायत में आवेदक का खाता एवं रकम अनहोल्ड कराया गया है, जबकि 1 शिकायत की जांच अभी जारी है।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
जिला पुलिस जांजगीर-चांपा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे पीड़ित को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।




