जांजगीर-चांपा, 07 फरवरी 2026। जांजगीर-चांपा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ट्रांसफार्मर, कॉपर और एल्युमिनियम केबल चोरी करने वाले एक संगठित अंतर्जिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 17.30 लाख रुपये का चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल वाहन जब्त किया है।
एंबुलेंस बनाकर करते थे चोरी का माल परिवहन
गिरोह चोरी के बाद माल को ले जाने के लिए बोलेरो वाहन को एंबुलेंस का रूप देता था, ताकि पुलिस और आम लोगों को भ्रमित किया जा सके। आरोपी पहले क्षेत्र में घूमकर ट्रांसफार्मर की रेकी करते, मोबाइल से फोटो लेते और फिर रात में वारदात को अंजाम देते थे।
क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ट्रांसफार्मर, कॉपर और एल्युमिनियम वायर, लोहे का एंगल, 4 मोबाइल फोन, छोटा हाथी वाहन (CG-10 AS-5452), बोलेरो एंबुलेंस (CG-10 AT-5255), कटर मशीन ब्लेड और अन्य औजार जब्त किए हैं।
ऐसे खुला मामला
थाना शिवरीनारायण क्षेत्र में जनवरी 2026 में ट्रांसफार्मर से भारी मात्रा में कॉपर वायर चोरी की दो रिपोर्ट दर्ज हुई थीं। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में गिरोह की पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
कई जिलों में वारदात कबूली
आरोपियों ने मुलमुला, अकलतरा समेत अन्य क्षेत्रों के साथ बिलासपुर और बलौदाबाजार जिले में भी चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह की 10 से अधिक वारदातों में संलिप्तता सामने आई है। आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ संगठित अपराध की धारा 111 BNS भी जोड़ी गई है।
गिरफ्तार आरोपी
अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी (26), जिला बिलासपुर
संतोष भास्कर (38), जिला बिलासपुर
विरेन्द्र सुमन (39), जिला बिलासपुर
राज आर्यन वानी उर्फ छोटू (20), जिला बिलासपुर
अमन रात्रे (20), जिला बिलासपुर
राज आर्यन उर्फ रोहित वानी (21), जिला बिलासपुर
सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना शिवरीनारायण प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि यह सफलता मजबूत सूचना तंत्र और सतत तकनीकी विवेचना का परिणाम है।




