जांजगीर चाम्पा-प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह जांजगीर में अपनी बेटी के साथ रहती है। दिनांक 16 जनवरी 2026 को वह निजी कार्य से जांजगीर बाजार गई हुई थी और उसकी बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान मोहन राठौर अपने साथी अमित यादव के साथ उसके घर पहुंचा और शराब पीने के लिए लगातार पैसे की मांग करने लगा। बेटी द्वारा मना करने पर दोनों गाली-गलौज करने लगे, जिसे आसपास के लोगों ने समझाकर भगा दिया।
कुछ समय बाद करीब दोपहर 1 बजे दोनों आरोपी दोबारा लौटे और पानी की बोतल में पेट्रोल लेकर आए। उन्होंने घर पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी, जिससे घर का दरवाजा पूरी तरह जल गया। मोहल्ले के लोगों ने आग बुझाई, लेकिन इसके बाद भी आरोपी जले हुए दरवाजे को तोड़कर जबरन घर में घुसे, तोड़फोड़ की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कश्यप तथा सीएसपी कोतवाली सुश्री योगिता बाली खापर्डे को सूचना दी गई, जिनके निर्देश पर विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने शराब के लिए पैसे न मिलने पर गाली-गलौज करने और घर में आग लगाने की घटना स्वीकार की। दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता (थाना प्रभारी सिटी कोतवाली), उप निरीक्षक कमल दास बनर्जी, सहायक उप निरीक्षक अरुण सिंह, प्रधान आरक्षक प्रकाश राठौर और आरक्षक शंकर राजपूत का विशेष योगदान रहा।




