
जांजगीर–चांपा, 11 दिसम्बर 2025।
धान खरीदी सीज़न 2025–26 में जिले में गड़बड़ियों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। पहले कई उपार्जन केंद्रों में किसानों ने शिकायत की कि नये बारदाने में 40 किलो धान समा ही नहीं रहा, जिससे तौल में भारी असमानता आ रही है।
इसी शिकायत पर जिला पंचायत सभापति श्रीमती उमा राजेंद्र राठौर ने पेण्ड्री उपार्जन केंद्र का अचानक निरीक्षण किया था, जहाँ किसानों की शिकायतें सही पाई गईं। विपणन अधिकारी को साथ लेकर तत्काल परीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे।
अब इसी मामले में एक और गंभीर गड़बड़ी सामने आई है।
नये बारदाने का वजन मानक से 70–80 ग्राम कम, किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान

सभापति राठौर ने कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि जिले में भेजे गए नये बारदाने का वजन 580 ग्राम होना चाहिए, लेकिन ज़्यादातर केंद्रों में बोरी का वजन केवल 500–510 ग्राम पाया गया।
मानक से कम वजन वाली बोरी में धान भरने पर बोरी हल्की होने से धान का वजन अधिक रिकॉर्ड होता है, जिसके कारण किसानों को कई किलो धान का भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
इसका असर दोहरा है—
1. 40 किलो धान बोरियों में न समाने से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
2. कम वजन वाले बारदाने से तौल बढ़ जाने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

राठौर का आरोप — “यह किसानों की कमाई पर सीधा प्रहार”
उमा राठौर ने इसे किसानों के हितों के साथ बड़ा खिलवाड़ बताते हुए कहा कि ऐसे बारदाने न सिर्फ मानक के खिलाफ हैं, बल्कि खरीद प्रक्रिया को अविश्वसनीय बना रहे हैं।
उन्होंने कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कलेक्टर कार्यालय ने जांच की प्रक्रिया शुरू की




