
अफरीद(चाम्पा)–)ग्राम अफरीद में बरेठ परिवार के सानिध्य में चल रहे श्री मद्भागवत कथा के पांचवे दिवस श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुवे पंडित श्री मोरध्वज वैष्णव जी कहते है कि माता यशोदा भगवान श्री कृष्ण को बार-बार ओखल से बांधने का प्रयास कर रही थी हर बार रस्सी छोटी पड़ जा रही थी अंत मे माता यशोदा जब प्रभु को ओखल से बांध देते है तब प्रभु उस ओखल को घसीटते हुवे विशाल वृक्ष में फंसा कर उस वृक्ष को गिरा देते है जो वृक्ष गिरते है वह पूर्वमें नारद द्वारा शापित नल कूबर व मणिग्रीव होते है जो अपने वास्तविक स्वरूप को पाकर अपने श्रापित स्वरूप से मुक्ति पाते है।

कथा सुनने भक्तो की भारी भी रोज जुट रही है भीड़ में अफरीद के अलावा कमरीद, हथनेवरा, कोसमन्दा सहित आसपास के लोग पहुंच रहे हैं।

Author: Hasdev Express
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