जांजगीर चांपा@- के बलौदा ब्लॉक के कोसमंदा गांव जहां गायत्री बाल संस्कार हाई स्कूल संचालित है उस स्कूल प्रांगण में दिनांक 14.11.25 को बाल मेले का आयोजन बाल दिवस के शुभ अवसर पर शाला प्रबंधन के निर्देशानुसार रखा गया था जहां बच्चो के द्वारा विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर रखे थे

इस बाल मेले में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्वारा मां सरस्वती के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया जिसमे बच्चो के द्वारा विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का स्टॉल बाल दिवस के शुभ अवसर पर आनंद मेला के रूप में लगाए गए थे जिसमे विभिन्न प्रकार के व्यंजन गुपचुप ,चना ,मुरमुरा ,भजिया आलू चाप,केला चाप, इडली , अमरूद,संतरा ,मंचूरियन , ममोस,बड़ा, समोसा,केक,पास्ता , चाउमीन,खस्ता और। ही सुन्दर मनमोहक विभिन्न बहुत से प्रकार के डिश बनाए गए थे जिनको बच्चो ,एवम उपस्थित हुए पालको और मुख्य अतिथि ने खरीद कर बच्चो का उत्साह वर्धन बढ़ाया।

मुख्य विद्यालय के प्राचार्य शिव कश्यप ने कहा कि आज के दिन 14नंबर को हम बाल दिवस के रूप में पूरे देश मनाते है और उन्होंने बच्चो के भविष्य में सफल होने के लिए मेहनत करने का मूल मंत्र दिया और कहा कि बच्चो अनुशासित रहने से जीवन आगे बढ़ते है और समय के पाबंद को समझना चाहिए और बच्चो को अनुशासित रहने का आग्रह किया

अतिथि के रूप में पहुंचे रामरतन राठौर ने बच्चो संबोधित करते हुए कहा कि बच्चो अनुशासित ढंग से रहने से व्यक्तित्व का विकास संभव है और इस कार्यक्रम के माध्यम से मैं सभी बच्चो के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम की बधाई देता हूं बाल दिवस चाचा नेहरू के जन्म दिवस के रूप में मनाते है क्योंकि चाचा नेहरू बच्चो को खूब प्यार स्नेह करते थे इस लिए आज के बाल दिवस को समारोह के रूप में मनाते है।

विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों के मनोरंजन के लिये झूले की व्यवस्था किया गया था।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों के मनोरंजन के लिये मिक्की माउस व जम्पिंग झूले का आयोजन किया गया था ।जिसमे बच्चों के साथ-साथ पालको ने भी इस कार्यक्रम का आनंद उठाया

उक्त इस कार्यक्रम में प्राचार्य श्री शिव कश्यप, उप प्रचार्य साधना राठौर, प्रीति राठौर, राहुल शर्मा, श्वेता खरे, सुनीता यादव,माहेश्वरी सूर्यवंशी, जयंप्रकाश कौशिक, नंदनी यादव,प्रतिमा यादव,राजकुमारी सूर्यवंशी, अंजू लाता बरेठ,गंगोत्री सूर्यवंशी, सोमवती सूर्यवंशी, उपासना कश्यप, लेखनी कौशिक, दीक्षा कश्यप, वैशाली कश्यप के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा।




